ॐ ASTRO ABHAY JI स्पष्टता, भय नहीं।

एस्ट्रो अभय जी

जय श्री श्याम जी 🚩 सनातन धर्म सर्वोपरि है। कर्मकाण्ड एवं ज्योतिषाचार्य विशेषज्ञ VEDIC ASTROLOGER & VEDIC PUROHIT | SPIRITUAL GUIDANCE “अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते। तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम्॥” — श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय 9, श्लोक 22 “हे पार्थ! जो लोग अन्य किसी का चिंतन न करके अनन्य भाव से मेरा स्मरण एवं उपासना, ध्यान करते हैं, मुझमें स्थित रहते हैं, उनके योग आवश्यक वस्तुओं की प्राप्ति जो उनके पास है उसकी रक्षा का भार मैं स्वयं उठाता हूँ. ।। 🙏 श्रीमन नारायण 🙏 🦚

Astro Abhay Ji portrait in Vedic setting

व्यक्तित्व

परंपरा से प्राप्त ज्ञान

एस्ट्रो अभय जी अपने पूर्वजों से प्राप्त वैदिक परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।

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वैदिक शिक्षा और परंपरा

एस्ट्रो अभय जी ने वृंदावन धाम में गुरुकुल परंपरा के अंतर्गत शास्त्री एवं आचार्य स्तर की वैदिक शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त किया।

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2019 के बाद व्यावसायिक सेवा

गुरुकुल शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने अपने पूर्वजों से प्राप्त वैदिक परंपरा को व्यावसायिक रूप से आगे बढ़ाया।

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मार्गदर्शन का उद्देश्य

मेरा उद्देश्य भय उत्पन्न करना नहीं, बल्कि स्पष्टता और सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करना है।

Astro Abhay Ji

स्पष्टता, भय नहीं।

मेरा उद्देश्य भय उत्पन्न करना नहीं, बल्कि स्पष्टता और सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करना है।

Kundli

परामर्श का दृष्टिकोण

हर प्रश्न को परंपरा और व्यावहारिक जीवन, दोनों के संतुलन से देखा जाता है।

परिस्थिति को समझना

परामर्श में पहले प्रश्न, संदर्भ और जीवन-स्थिति को शांतिपूर्वक समझा जाता है।

समय और निर्णय

दशा, गोचर, योग और मुहूर्त जैसे संकेतों को निर्णय के संदर्भ में देखा जाता है।

भय-रहित उपाय

उपायों को डर के आधार पर नहीं, श्रद्धा, समझ और व्यावहारिकता के साथ बताया जाता है।

मेरा परिचय...🙏

नमस्कार प्रिय दर्शकों एवं श्रद्धालुजनों! मैं ज्योतिषाचार्य पंडित अभय शर्मा, सनातन धर्म, वैदिक ज्योतिष, कर्मकाण्ड एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन के क्षेत्र में कार्यरत हूँ। मेरा परिवार पीढ़ियों से वैदिक परंपरा, कर्मकाण्ड, ज्योतिष एवं धार्मिक संस्कारों से जुड़ा रहा है। इन्हीं संस्कारों और परंपराओं में मेरा पालन-पोषण हुआ तथा बचपन से ही धार्मिक एवं वैदिक वातावरण में शिक्षा-दीक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। मेरे परबाबा स्वर्गीय पंडित श्री लतर झा जी मिथिला के एक विद्वान एवं योग्य आचार्य रहे, जिनका संबंध मिथिला पंचांग की रचना एवं वैदिक परंपरा से रहा। मेरे बाबा स्वर्गीय पंडित श्री राधा रमण झा जी वैदिक पुरोहित, कर्मकाण्ड एवं ज्योतिष के क्षेत्र में प्रतिष्ठित रहे। मेरे पिताजी स्वर्गीय पंडित श्री जगदानन्द झा जी मुरादनगर, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश में जाने-माने पुरोहित एवं ज्योतिष के विद्वान रहे। मैं मिथिला की वैदिक परंपरा से जुड़े ब्राह्मण परिवार से हूँ और हमारा शांडिल्य गोत्र है। धार्मिक संस्कार, वैदिक परंपराएँ और पूजा-पाठ हमारे परिवार के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है.। मेरे बचपन का एक महत्वपूर्ण समय गाँव में बीता और आगे चलकर मेरा जीवन एवं शिक्षा मुरादनगर, गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ी। वर्तमान में हमारा निवास एवं मेरा ज्योतिषीय कार्यक्षेत्र भी यहीं है।

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गुरुकुल परंपरा में वैदिक अध्ययन

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शास्त्री स्तर का व्यवस्थित अध्ययन

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आचार्य स्तर की गहन शिक्षा

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2019 के बाद सतत परामर्श सेवा

कार्यक्षेत्र

वैदिक ज्योतिष
जन्मकुंडली
कुंडली मिलान
वैवाहिक मार्गदर्शन
करियर मार्गदर्शन
आर्थिक मार्गदर्शन
अंक शास्त्र
हस्तरेखा
राशिफल
ग्रह गोचर
वास्तु
मुख अध्ययन
प्रश्न कुंडली
पंचांग
शुभ मुहूर्त
पूजा
वैदिक कर्मकाण्ड
धार्मिक अनुष्ठान
नामकरण
गृह प्रवेश
विवाह संस्कार
षोडश संस्कार
ज्योतिषीय उपाय
आध्यात्मिक मार्गदर्शन

व्यक्तिगत परामर्श

जीवन के प्रश्नों को भय से नहीं, सही जानकारी और संतुलित दृष्टिकोण से समझें।