ॐ ASTRO ABHAY JI स्पष्टता, भय नहीं।

पंचांग

पंचांग

तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण से समय की पारंपरिक समझ।

पंचांग
भय नहीं, स्पष्टता।

मार्गदर्शक विचार

समय के पाँच अंग

यहाँ वर्तमान दिन के नकली पंचांग मान नहीं दिखाए जाते।

लाइव दैनिक डेटा के लिए अलग सत्यापित एकीकरण बाद में जोड़ा जाएगा।

तिथि

इस विषय को परिस्थिति, समय और व्यक्ति की वास्तविक आवश्यकता के साथ समझा जाता है।

वार

इस विषय को परिस्थिति, समय और व्यक्ति की वास्तविक आवश्यकता के साथ समझा जाता है।

नक्षत्र

इस विषय को परिस्थिति, समय और व्यक्ति की वास्तविक आवश्यकता के साथ समझा जाता है।

योग

इस विषय को परिस्थिति, समय और व्यक्ति की वास्तविक आवश्यकता के साथ समझा जाता है।

करण

इस विषय को परिस्थिति, समय और व्यक्ति की वास्तविक आवश्यकता के साथ समझा जाता है।

दृश्य समझ

विषय को देखने का संतुलित ढंग

नीचे के संकेत पेज के विषय को समझने में मदद करते हैं। इन्हें कठोर भविष्यवाणी नहीं, बल्कि परंपरागत संदर्भ के रूप में पढ़ना चाहिए।

तिथि वार नक्षत्र योग करण

प्रक्रिया

परामर्श या विधि कैसे आगे बढ़ती है

हर चरण में स्पष्टता, सम्मान और व्यावहारिकता को प्राथमिकता दी जाती है।

1

कार्य का संदर्भ

2

तिथि व वार

3

नक्षत्र/योग/करण

4

व्यक्ति/स्थान संदर्भ

5

उचित समय चर्चा

सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यह परिणाम की गारंटी देता है?

नहीं। मार्गदर्शन का उद्देश्य संदर्भ और स्पष्टता देना है, निश्चित परिणाम का दावा नहीं।

परामर्श से पहले क्या जानकारी चाहिए?

विषय के अनुसार जन्म विवरण, प्रश्न, फोटो/लेआउट या संस्कार की आवश्यकता पूछी जा सकती है।

क्या सुझाव व्यावहारिक होते हैं?

हाँ, प्राथमिकता सरल, संतुलित और परिस्थिति के अनुसार लागू होने वाले सुझावों को दी जाती है।